कितना उसको प्यार किया है ...मत पूछो,
किसका क्या उपकार किया है... मत पूछो।
साँसों की तो उल्टी गिनती जारी है,
कैसा कारोबार किया है... मत पूछो।
चुगली झूठ गलतफहमी से रंग रंगकर,
जीवन का अखबार किया है ...मत पूछो।
माँ बाबूजी दादी चाची गाँव में हैं,
शहर में क्या घरबार किया है... मत पूछो।
दिल की नज़रों में तो अब भी भोला हूँ,
सबने क्या इज़हार किया है ...मत पूछो।
-भारत भूषण शर्मा
गोवर्धन, मथुरा
किसका क्या उपकार किया है... मत पूछो।
साँसों की तो उल्टी गिनती जारी है,
कैसा कारोबार किया है... मत पूछो।
चुगली झूठ गलतफहमी से रंग रंगकर,
जीवन का अखबार किया है ...मत पूछो।
माँ बाबूजी दादी चाची गाँव में हैं,
शहर में क्या घरबार किया है... मत पूछो।
दिल की नज़रों में तो अब भी भोला हूँ,
सबने क्या इज़हार किया है ...मत पूछो।
-भारत भूषण शर्मा
गोवर्धन, मथुरा