सलीका जिनसे पाया है यहाँ पर ज़िन्दगी भर का ,
है जिनकी याद में किस्सा तुम्हारे और मेरे घर का,
भले ही अलविदा कह दूं मगर वो याद आएगा,
निभाया चार सालों में जो रिश्ता ज़िन्दगी भर का............
है जिनकी याद में किस्सा तुम्हारे और मेरे घर का,
भले ही अलविदा कह दूं मगर वो याद आएगा,
निभाया चार सालों में जो रिश्ता ज़िन्दगी भर का............
...kash ki kuchh shabd mil jate tarif ke liye
ReplyDeletenice one bro.... :)
ReplyDeleteregards
Naveen solanki
http://drnaveenkumarsolanki.blogspot.com/