Tuesday, December 9, 2014

वो ऐसा शख़्स....

न कोई सुन सके छुपकर तुम्हारा नाम लेता है...
तुम्हें ख्वाबों में पाकर दिल की धड़कन  थाम लेता है…
नहीं खोया बहुत तुमने मगर इक शख़्स खोया है ....
वो ऐसा शख़्स शीशे में तुम्हें पहचान लेता है…

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