Monday, January 5, 2015

वफ़ा.…

मुझे लहरों ने लूटा है समुन्दर में कहाँ दम था
जला दिल प्यार में आँखों में जब बारिश का मौसम था
मिली मंज़िल ना चाहत को तो ये एहसास होता है
वफ़ा  मेरी भी कच्ची थी तुम्हारा प्यार भी कम था।
-भारत भूषण शर्मा 

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