Monday, August 21, 2017

क्या मेरा देश सच में बदल पायेगा ???.....

जंगे आज़ादी में जां लुटाते गए,
अपने प्राणों आहुति चढ़ाते गए,
उन शहीदों की राहों पे चल पायेगा,
क्या मेरा देश सच में बदल पायेगा ??
क्या मेरा देश  सच में बदल पायेगा.......

बोस आज़ाद गाँधी खुदीराम थे ,
सिंह ऊधम भगत सबके अरमान थे ,
जान देकर भी भारत को ज़िंदा रखें,
बस इसी आस में उनके बलिदान थे..
घूसखोरी अशिक्षा गरीबी से क्या,
उनके ख्वाबों के साँचों में ढल पायेगा
क्या मेरा देश सच में  पायेगा....

हैं कन्हैया यहाँ और बराला यहाँ,
जाने कितनों का है चेहरा काला यहाँ,
भूख को रोटी है न दवा दर्द को...
बोलो कैसे करोगे उजाला यहाँ....
है शिकंजे में खादी के दम तोड़ता,
कौन जाने ये कैसे निकल पायेगा...
क्या मेरा देश सच में बदल पायेगा,
क्या मेरा देश सच में बदल पायेगा....

भारत भूषण शर्मा
गोवर्धन मथुरा
१४/८ /२०१७

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