Thursday, August 3, 2017

ये मुहब्बत खुदा तेरा एहसान है .......

ये मुहब्बत खुदा तेरा एहसान है .......
 दम घुटा और मेरी आँख नम रह गयी,
दर्द की हर कहानी सितम कह गयी ,
इश्क़ में ये वफाओं का ईनाम है,
ये मुहब्बत खुदा तेरा एहसान है।

दिल का मालिक बनाया  था तुझको कभी
तेरी खुशियों में मुझको दिखी ज़िन्दगी
ज़िक्र तेरा तेरी याद फिर  दे गया
मेरे होठों पे फ़रियाद फिर दे गया।
लब जुदाई  के डर से जो  सिलते नहीं,
काश कह पाता  दिल का क्या अरमान है।
ये मुहब्बत खुदा तेरा........

दिल मेरा चीरकर मुस्कुराता रहा
और इशारों से मुझको बुलाता रहा
ख्वाब तेरे तेरी दिल में तस्वीर थी
आंसुओं से मैं उनको मिटाता रहा।
लाख कोशिश तो की पर मिटा न सका
चाहतों को मिटाना न आसान है।
ये मुहब्बत खुदा तेरा......


तुझसे कुछ दूर हूँ कुछ मैं मज़बूर हूँ
पर किसी की वफाओं  का सिन्दूर हूँ
है मेरी हर वफ़ा अब उसी के लिए
मेरी हर गुफ्तगू का ये एलान है।
ये मुहब्बत खुदा तेरा एहसान है।

-भारत भूषण शर्मा
गोवर्धन , मथुरा
9634207514 

No comments:

Post a Comment