ये कैसा हाल देख लो इंसान का हुआ,
फिर बेनकाब रुख किसी हैवान का हुआ,
बार बार कर रहा जो तार तार ज़िंदगी,
वो रहीम का हुआ न कभी राम का हुआ।
-भारत भूषण शर्मा
गोवर्धन, मथुरा
फिर बेनकाब रुख किसी हैवान का हुआ,
बार बार कर रहा जो तार तार ज़िंदगी,
वो रहीम का हुआ न कभी राम का हुआ।
-भारत भूषण शर्मा
गोवर्धन, मथुरा
No comments:
Post a Comment